विधवा टीचर के तन की प्यास

उसने मेरी कहानियाँ पढ़ी थी, उसने अपनी पूरी जानकारी मुझे मेल पर दी और मुझसे वादा करने को कहा कि इसका किसी को पता ना चले।
मैंने उसका पता लिया और उसके घर चला गया।

जब मैं उसके घर पहुँचा तो वो रसोई में काम कर रही थी, वो स्कूल से आने के बाद खाना बना रही थी।
वो बहुत सुन्दर तो नहीं थी लेकिन फिगर कमाल का था।
उसकी 2 साल की बेटी भी थी।

घर पर उसने पहले मुझे नाश्ता दिया और फिर मैं उसकी बेटी के साथ खेलने लगा।
लगभग 1 घंटे बाद उसे फुरसत मिली, फिर हम दोनों ने साथ में लंच लिया, वो मुझसे सफ़र के बारे में पूछती रही।
मैंने उसके घर वालों के बारे में पूछा तो वो बोली- घर में और कोई मेरे साथ नहीं रहता है।
फिर हम दोनों में हल्की फुल्की बातें होती रही।

कुछ देर बाद उसकी बेटी रोने लगी तो वो उसे लेकर बेड रूम में आ गई और सुलाने लगी।

उसके सो जाने के बाद हम दोनों ही रोमेंटिक हो गए, वो भी बहुत दिनों से प्यार के लिए तड़प रही थी तो मुझसे किसी बेल की तरह लिपट गई और मेरे चेहरे पर चुम्बन करने लगी।
मैंने भी चुम्बन का जवाब देना शुरू कर दिया, पहले उसकी कान की लौ को चूमा, फिर दूसरे कान की लौ को भी किस किया।

वो बहुत उत्तेजित हो रही थी लेकिन मैं उसे पूरा मजा देना चाहता था इसलिए मैंने कोई जल्दी नहीं की।
मैंने उसके रसीले होंठों को अपने होंठों में कैद किया और उन्हें चूसने लगा।
लगभग 15 मिनट बाद मैंने होंठों को छोड़ा।

अब मैं उसकी गर्दन पर किस करने लगा, फिर मैंने उसे ब्लाउज़ उतारने को कहा, वो तो पहले ही बहुत गर्म हो रही थी, उसने झट से
ब्लाउज उतार दिया।
काली ब्रा में वो कमाल की लग रही थी, मन तो किया कि झट से उसका दूध पी लूँ पर मैं उसे कुछ अलग ही मजा देना चाहता था तो मैंने उसके हाथ को चूमना शुरू किया और ऊपर की तरफ बढ़ने लगा।

जैसे ही मैंने उसकी दायीं बगल को चूमा, वो उछल पड़ी।
उसने अपनी बगलों के बाल साफ़ कर रखे थे।
लगभग 10 मिनट तक मैं उसकी बगल यानी काँख पर गोल गोल जीभ घुमाता रहा।
इसी तरह मैंने उसके दूसरे हाथ को भी चूमा।

फिर मैं उसके पेट को चूमने लगा, इधर उधर किस करने के बाद मैं उसकी नाभि में जीभ को गोल गोल घुमाने लगा।
इस हरकत से उसका पानी छूट गया।
फिर कुछ देर बाद मैंने उसकी पीठ पर चूमना शुरू कर दिया और वो गर्म होने लगी।
अब मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया।

उसके उरोज पुष्ट थे और उनमें दूध भी था। उसके निप्पल लाल रंग के थे, उसके दाहिने निप्पल के पास काला तिल था जो उसके उरोज को और भी सुन्दर बना रहा था।
अब मैंने देर नहीं की और एक निप्पल को अपने होंठो में लेकर चूसने लगा और दूसरे निप्पल को ऊँगली और अंगूठे से मसलने लगा। उसका दूध मीठा था।

कुछदेर बाद मैं उसके निप्पल पर दांत गड़ाने लगा और वो सी-सी करने लगी।
मैं 20 मिनट उसके दूध से खेलता रहा। उसके दूध तन गए थे और निप्पल भी कड़क हो गए थे।
उसके उरोज को चूस चूस कर मैंने लाल कर दिया।
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फिर मैंने अपनी स्थिति बदली और दूसरे निप्पल को चूसने लगा। निप्पल चूसने के साथ मैं उसकी साड़ी खोलने लगा और कुछ देर बाद उसका पेटीकोट भी उतार दिया।
उसने भी मेरे पेंट की चैन खोल दी और मेरा लिंग निकाल कर अपने हाथ से आगे पीछे करने लगी।

अब वो केवल काली पेंटी में थी और गजब की लग रही थी। इस स्थिति में कोई भी नहीं कह सकता था कि वो 2 साल की बेटी की माँ होगी।
अब मैंने उसकी जाँघों को चूमना शुरू किया और ऊपर बढ़ने लगा। वो ‘आआअ सआस्स ऊफ़्फ़्फ़्फ़ ऊह…’ जैसी सेक्सी आवाजें निकलने लगी जिसके कारण मेरी उत्तेजना बढ़ने लगी।

अब मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया और उसकी क्लीन शेव्ड योनि को किस करने लगा और साथ ही हाथों से उसके दोनों निप्पल
को भी उमेठने लगा।
इस दोहरे हमले को वो सह नहीं पाई और 10 मिनट बाद झड़ गई।

कुछ देर बाद उसने मुझे किस करना शुरू किया तो मैं भी किस करने लगा।
फिर मैंने उसकी योनि को चाटा।

अब मैंने उसकी योनि के दाने को जीभ से चाटा और हल्का सा दांत से पकड़ कर खींचने लगा और वो मेरा सर अपनी योनि में घुसाने लगी और कुछ देर बाद वो टाँगें उछालने लगी।

तो अब मैंने देर ना करते हुए अपने लिंग को उसकी योनि पर सेट किया और धक्का मारा, एक झटके में मेरा लिंग 3 इंच जा पाया। और वो बहुत जोर से चीखी, उसकी आँखों में आंसू आ गए।
आखिर गलती उसकी भी नहीं थी वो 1 साल बाद जो सेक्स कर रही थी तो दर्द तो होना ही था।

फिर मैंने उसके दूध को चूसना शुरू किया और कुछ ही देर में वो नार्मल हो गई।
फिर मैंने धीरे-2 धक्के लगाने शुरू किए और वो भी मेरा साथ देने लगी।

कुछ देर बाद वो झड़ गई।
इस सेक्स से वो इतनी थक गई कि उसे नींद आ गई।
मैं भी थका हुआ था, एक तो सफ़र की थकान और फिर सेक्स की थकान… इसलिए मैं भी सो गया और शाम 6 बजे तक सोता रहा।
फिर हम दोनों उठे और बाथरूम में साथ नहाए।
उसने चाय बनाई और चाय पीकर उसने मुझे मेरी फीस दी और एक चुम्मी देकर विदा किया।

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