Category: सबसे लोक़प्रिय कहानियाँ

पिछले महीने की सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली कहानियाँ

Sabase jyada pasand ki jane vali kahaniya

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मई 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

आज मैं तीसरी कहानी बताने जा रहा हूँ.. जो मेरी दूसरी कहानी से ही जुड़ी हुई है। जैसे कि मैंने आपको बताया था कि उस दिन मेरा दोस्त और उसकी गर्ल-फ्रेण्ड मेरे घर पर आए थे और उन्होंने मुझे नंगा देख लिया था.. पर उसकी गर्ल-फ्रेण्ड शीतल की शरारती नज़र मुझे कुछ अजीब सी लगी […]

अप्रैल 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मैं शहर आ गया और कॉलेज में एड्मिशन भी ले ली, पर 3-4 महीने बीत जाने पर भी कोई भी लड़की नहीं पटी, दोस्त तो बन गई पर साली गर्लफ्रेंड कोई नहीं बनी। रोज़ सुबह जब सो कर उठता तो लण्ड फुल टाइट तना होता, मगर उसको लेने वाली कोई नहीं मिल रही थी, मूठ […]

मार्च 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

उफ्फ्फ यह अदा… ऐसे अदा तब दिखाई देती है जब आपकी प्रेमिका आपसे इस बात पर नाराज़ हो कि आपने उसके अलावा किसी और की तरफ देखा ही क्यूँ…!! वैसे इस नाराज़गी में ढेर सारा प्यार छुपा होता है… ‘अच्छा, वहाँ खूबसूरत लड़कियाँ भी थीं… मुझे तो बस एक ही नज़र आ रही थी… और […]

फरवरी 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मेरे इस जवाब से वो थोड़ी शरमा गई। मैं बोला- चलो आपको शरमाना भी आता है। वो बोली- जीजाजी, सचमुच दीदी बड़ी लकी है जो आप उसे मिले। इतने में मेरी बीवी वहाँ आ गई और बोली- मिल लिए रिंकी से? … उसकी आँखों में देखते हुए मैंने अपने होंठों को उसके लरजते हुए होंठों […]

सितम्बर 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मैं वहाँ से रात को ही निकली.. क्योंकि मुझे वहाँ रुकना ठीक नहीं लगा था। फ्रेंड्स के भी परिवार के लोग थे.. सो मैं 8:30 पर उधर से वापस चल दी। मैंने पार्टी में ड्रिंक तो बहुत कम ही की थी.. बस दो पैग ही पिए थे। खैर.. रात में सुनसान सा था.. थोड़ा डर […]

अगस्त 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मैं अपने शौहर फैजान के साथ शहर में ही रहती हूँ। हमने एक छोटा सा मकान किराए पर लिया हुआ है.. इसमें एक बेडरूम मय अटैच बाथरूम.. छोटा सा टीवी लाउंज और एक रसोई है। घर के अगले हिस्से में एक छोटी सी बैठक है.. जिसका एक दरवाज़ा घर से बाहर खुलता है.. और दूसरा […]

जुलाई 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

पिछले एक साल से घर में अब मैं, मेरी माँ और बापू के अलावा कोई नहीं बचा था। मेरी उमर मेरी बहन से एक साल कम ही थी, गाँव के स्कूल में ही पढ़ाई-लिखाई चल रही थी। हमारा एक छोटा सा खेत भी था, जिस पर पिताजी काम करते थे और मैंने और माँ ने […]

जून 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मैंने यह भी नोटिस किया कि वो भी बड़े ध्यान से मुझे देखती, मेरी हर बात में इंटरेस्ट दिखाती। उसका नाम सुमन चोपड़ा है, एक हाई स्कूल में वाइस प्रिन्सिपल है। पढ़ी लिखी, और खुद को बहुत अच्छी तरह से संभाल के रखा है उसने। खैर मैं तो बेटी वाला था सो अपने दिल को […]

अक्तूबर 2015 की लोकप्रिय कहानियाँ

मैं दबे पांव आगे बढ़ा और एक झाड़ी की ओट से देखने लगा.. उफ़.. क्या नज़ारा था.. मेरे ठीक सामने.. तीन लड़कियाँ बिल्कुल नंगी.. अपनी खुली हुई चूतों को सहला रही थीं। उनमें से दो को मैंने पहचान लिया.. मेरे ठीक सामने मेरे अजीज दोस्त राजा की बेटी आरती बैठी थी। उसके बगल में एक […]

जनवरी 2016 की लोकप्रिय कहानियाँ

यूं तो प्रकृति के हिसाब से लड़की के पीरियड्स या मासिकधर्म ग्यारह-बारह साल की उमर में ही शुरू हो जाते हैं और पीरियड्स शुरू होने का अर्थ है कि वो सम्भोग हेतु, गर्भ धारण हेतु तैयार हो गई है। प्रकृति ने उसकी चूत को कैसा भी मोटा लम्बा लण्ड लील जाने, आत्मसात कर लेने की […]